हर दिन मिले ईद दिवाली सी खुशियां,
हर दिन मिले ईद दिवाली सी खुशियां,
हर पल खिले जग में आशाओं के फूल।
गले लगायें हम सब दीन-दुखियों को
मिटाओ हिंसा भ्रष्टाचारी व चंगेजी राज।
जीवन के इस दिव्य सफर में मेरे साथी
हम सबको मिले अपने मन के ही मीत ।
आओ हम मिल जग को ऐसा बनायें
न हो जग में राग, द्वेष, हिंसा का वास।
हो न किसी का जग में, कही भी शोषण
ऐसा सुन्दर बसंत सा महके हमारा संसार।
प्रभु जग से मिटे अज्ञानता का घोर अंधेरा
ऐसा रोशन करे दिवाली का दिव्य प्रकाश।
होली ईद की तरह ही मनायें सब मिल
मिटे जग से आतंक, हिंसा चंगेजी राज।
संकल्प लो, जीओ और जीने दो सबको
बनाओं न इस दिव्य दुनिया को कत्लगाह ।
मिटे धर्म, जाति, नस्ल, क्षेत्रवाद की हिंसा
बोलें सब प्रेम, बंन्धुत्व व अपनत्व की भाषा।
-देवसिंह रावत
(9 अगस्त, शुक्रवार,2013 ईद के पावन पर्व पर प्रातः 9.31 बजे)

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